शनिवार, 11 दिसंबर 2010

नज़र साफ़ हो तो बच सकते

क्या प्यार और रुझान में अंतर पाया है। वैसे जीवन में दोनों चीजें कभ भी घट सकती हैं।
जी हाँ इक बार यह सर उठाना शुरू करता है बस फिर कुछ भी ध्यान नहीं रहता।
आप के साथ काम करने वाला या रोज बस स्टैंड या फिर साथ सफ़र करने वाली आप की नींद उदा सकती हैं। सावधान रहना ही काफी नहीं है। नज़र भी साफ़ रखना होगा। वर्ना पूरी ज़िन्दगी में आग लगने से कोई नहीं बचा सकता।

1 टिप्पणी:

  1. आप के साथ काम करने वाला या रोज बस स्टैंड या फिर साथ सफ़र करने वाली आप की नींद उदा सकती हैं। सावधान रहना ही काफी नहीं है। नज़र भी साफ़ रखना होगा। वर्ना पूरी ज़िन्दगी में आग लगने से कोई नहीं बचा सकता।
    sahi keh rahe ho.

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